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सूर्यग्रहण से एक दिन पहले ही बंद हो जाएंगे मंदिरों के कपाट, इन कामों को करना होता है वर्जित : 26 December 2019 Surya Grahan

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सूर्यग्रहण से एक दिन पहले ही बंद हो जाएंगे मंदिरों के कपाट, इन कामों को करना होता है वर्जित : 26 December 2019 Surya Grahan 

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26 December 2019 Surya Grahan : साल 2019 में कुल 5 ग्रहण है जिसमें से 3 सूर्यग्रहण और 2 चंद्रग्रहण होगें| साल के पहले महीने में एक सूर्यग्रहण लगा था और 15 दिनों के बाद चंद्रग्रहण लगा था और जुलाई महीने में भी एक सूर्यग्रहण लगा था और 15 दिनों के बाद चंद्रग्रहण लगा था| अब 26 दिसंबर को साल 2019 का तीसरा सूर्य ग्रहण लगेगा यह साल 2019 का अन्तिम ग्रहण है| तो आइये जानते है 26 दिसंबर 2019 को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण की पूरी जानकारी कि किस समय दिखेगा और कहाँ दिखाई देगा|

सूर्यग्रहण कैसे होता है :-

सूर्यग्रहण एक अदभुत खगोलीय घटना है| वैज्ञानिकों के अनुसार जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के मध्य आता है इस अवस्था में चाँद सूर्य को ढक लेता है, और सूर्य का प्रकाश धरती पर नहीं आ पाता और अँधेरा छ जाता है| इसी को सूर्यग्रहण होता है|26 दिसंबर 2019 को साल का तीसरा सूर्यग्रहण पड़ेगा| यह वलयाकार सूर्यग्रहण है| जब चन्द्रमा पृथ्वी के काफ़ी दूर रहते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है अर्थात चन्द्र सूर्य को इस प्रकार से ढकता है, कि सूर्य का केवल मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता है और पृथ्वी से देखने पर चन्द्रमा द्वारा सूर्य पूरी तरह ढका दिखाई नहीं देता बल्कि सूर्य के बाहर का क्षेत्र प्रकाशित होने के कारण कंगन या वलय के रूप में चमकता दिखाई देता है। कंगन आकार में बने सूर्यग्रहण को ही वलयाकार सूर्य ग्रहण कहते है।

ग्रहण का पौराणिक महत्‍व :-

पौराणिक कथानुसार समुद्र मंथन के दौरान जब देवों और दानवों के साथ अमृत पान के लिए विवाद हुआ तो इसको सुलझाने के लिए मोहनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया। जब भगवान विष्णु ने देवताओं और असुरों को अलग-अलग बिठा दिया। लेकिन असुर छल से देवताओं की लाइन में आकर बैठ गए और अमृत पान कर लिया। देवों की लाइन में बैठे चंद्रमा और सूर्य ने राहू को ऐसा करते हुए देख लिया। इस बात की जानकारी उन्होंने भगवान विष्णु को दी, जिसके बाद भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहू का सर धड़ से अलग कर दिया। लेकिन राहू ने अमृत पान किया हुआ था, जिसके कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई और उसके सर वाला भाग राहू और धड़ वाला भाग केतू के नाम से जाना गया। इसी कारण राहू और केतु सूर्य और चंद्रमा को अपना शत्रु मानते हैं।

माना जाता हैं कि सूर्यग्रहण से एक दिन पहले ही बंद हो जाते हैं मंदिरों के कपाट :-

ग्रहण के समय सभी मंदिरों के पट बंद रहते हैं। सूर्यग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर की साफ-सफाई की जाती है, इसके बाद ही आम भक्तों के लिए मंदिर खोले जाते हैं। ये परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। सूर्यग्रहण और सूतक के समय सूर्य से निकलने वाली नकारात्मक तरंगों के संपर्क में आने वाली सभी चीजें अपवित्र हो जाती हैं। मंदिर में रखी पूजन सामग्री, मंदिर परिसर भी अशुद्ध हो जाती है। सूर्यग्रहण के बाद मंदिर की शुद्धि की जाती है, भगवान की प्रतिमा को स्नान कराया जाता है, इसके बाद ही आम भक्तों के लिए मंदिर को खोला जाता है। इस संबंध में एक अन्य मान्यता ये है कि सूर्यग्रहण काल में वातावरण में नकारात्मक शक्तियां सक्रिय रहती हैं। कमजोर हृदय वाले लोगों पर नकारात्मकता जल्दी हावी होती है। इनसे बचने के लिए पुराने समय में लोग इस दौरान घर से बाहर भी नहीं निकलते थे। जो भक्त नियमित रूप से रोज मंदिर जाते हैं, उन लोगों को सूर्यग्रहण के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। मंदिर बंद होने से नियमित दर्शनार्थी अपने घर पर रहे, ताकि उन पर सूर्यग्रहण का बुरा असर न हो। इसी सोच के साथ मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं।

सूर्य ग्रहण के दिन 6 ग्रह धनु राशि में :-

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यह ग्रहण 26 दिसंबर को मूल नक्षत्र और धनु राशि में होगा। ग्रहण पर सूर्य, बुध, गुरु, शनि, चंद्रम और राहु-केतु धनु राशि में एक साथ रहेगा। यह योग लगभग 60 साल बाद बन रहा हैं| विशेषज्ञों के मुताबिक इस दौरान धरती पर भूकंप, प्राकृतिक प्रकोप और युद्ध के योग बनेगे| राजनितिक गतिविधियां तेज होंगी|

सूर्य ग्रहण किस समय और कहा दिखाई देगा  :-

2019 का तीसरा सूर्यग्रहण 26 दिसंबर 2019 को लगने वाला है| यह पौष कृष्ण पक्ष अमावस्या को दिन ब्रहस्पतिवार को लगने वाला है| यह वलयाकार सूर्यग्रहण के रूप में दिखाई देगा| 26 दिसंबर 2019 को पड़ने वाला सूर्यग्रहण सुबह 08 बजकर 17 मिनट से लेकर 10 बजकर 57 मिनट तक होगा|यह सूर्यग्रहण भारत सहित सऊदी अरब, ओमान, पूर्वी यूरोप, एशिया, जापान, उत्तरी/पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका, मलेशिया, इंडोनेशिया, आइसलैंड, सिंगापुर, ईरान, दुबई,  मंगोलिया, कोरिया, चीन, श्रीलंका, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश आदि देशों में तथा हिन्द महासागर में दिखाई देगा|

सूर्यग्रहण के सूतक काल का समय (26 Decedmber 2019 Surya Grahan Sutak Ka Samay) :-

इस सूर्यग्रहण का सूतक काल 25 दिसंबर 2019 को शाम 5 बजकर 33 मिनट से प्रारम्भ होगा, जोकि सूर्यग्रहण के साथ ही 26 दिसंबर 2019 की सुबह को 10 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा|लेकिन बच्चों, बूढ़ो और बीमार व्यक्तियों के लिए सूतक काल 26 दिसंबर 2019 की सुबह को 3 बजकर 45 मिनट से प्रारम्भ होगा|

यह सूर्यग्रहण मूल नक्षत्र एवं धनु राशि में घटित होगा इसलिए इस नक्षत्र और राशि वालों के लिए कष्टप्रद रहेगा| ग्रहण के समय अपने इष्टदेव की आराधना गुरुमंत्र का जाप एवं धार्मिक ग्रंथो का पठन-मनन करना चाहिए|

यह सूर्यग्रहण भारत में दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक काल भारत में मान्य होगा| ये सूर्यग्रहण जिन देशों में दिखाई देगा वहाँ सूतक व ग्रहण काल में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए खासकर गर्भवती महिलाओं को उन्हें ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरुरत होती है|

सूर्यग्रहण के दौरान प्रेगनेंट महिलाओं को क्या करना चाहिए, आइए जानते हैं :-

https://youtu.be/Cb5WUHTZYKs

1- कहा जाता है कि प्रेगनेंसी में महिलाओं को सूर्य ग्रहण ( Surya Grahan ) के वक्त घर के अंदर ही रहना चाहिए और ग्रहण को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए।

2- देश के कुछ हिस्सों में प्रेगनेंट महिलाओं को सूर्य ग्रहण ( Surya Grahan ) के दौरान तो कुछ खाने ही दिया जाता है और न ही पानी पीने दिया जाता है। लेकिन यह स्थति गंभीर रूप ले सकती है। शरीर में पानी की कमी हो सकती है जिससे जलन, सिरदर्द और चक्कर आ सकते हैं।

3- सूर्य ग्रहण ( Surya Grahan ) के दौरान प्रेगनेंट महिलाओं को इसलिए बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी जाती क्योंकि माना जाता है कि इससे पैदा होने वाला बच्चा या तो दिव्यांग होता है या फिर वह मानसिक तौर पर विकसित नहीं होता। हालांकि इस धारणा को लेकर भी कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।

4- सूर्य ग्रहण ( Surya Grahan ) के दौरान कोई और नहाए या न नहाए लेकिन गर्भवती महिलाओं को खासतौर से नहाने के लिए कहा जाता है। ऐसी धारणा है कि इससे सूर्य की हानिकारक किरणें (अगर उन पर पड़ी हों तो) निकल जाती हैं और नेगेटिव एनर्जी भी दूर हो जाती है।

5- सूर्य ग्रहण ( Surya Grahan ) शुरू होने से पहले भी प्रेगनेंट महिलाओं को नहाने के लिए कहा जाता है।

6- गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण ( Surya Grahan ) के दौरान नुकीली चीजों जैसे कि चाकू, पिन या सुई का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

7- हालांकि सलाह यही है कि सूर्य ग्रहण ( Surya Grahan ) के दौरान सावधानियां बरतने के चक्कर में गर्भवती महिलाएं कुछ ऐसा न करें जिससे भारी नुकसान हो। इसलिए बताए गए दिशा-निर्देशों या धारणाओं को मानने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें और जरूरी सलाह लें। कोई भी ऐसा काम न करें जिससे खुद या भी गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़े।

12 राशियों पर कैसा रहेगा सूर्यग्रहण का प्रभाव :-

  1. मेष :-
    ग्रहण के दौरान अपमान होने की संभावना है, इसलिए बुरे कर्मों से बचें।
  2. वृष :-
    शारीरिक और मानसिक कष्ट हो सकता है, इस स्थिति में अपना ख्याल रखें।
  3. मिथुन :-
    जीवनसाथी की सेहत बिगड़ सकती है। उनकी सेहत का ध्यान रखें।
  4. कर्क :-
    कर्क राशि के जातकों को कोई शुभ समाचार मिल सकता है। धैर्य का परिचय दें।
  5. सिंह :-
    आज आपको किसी चीज की चिंता सता सकती है। मन बिचलित रह सकता है। स्वयं को बिजी रखें।
  6. कन्या :-
    ग्रहण के प्रभाव से किसी तरह का कष्ट हो सकता है। थोड़ा सावधानी रखें।
  7. तुला :-
    धन लाभ होने की प्रबल संभावना है। आर्थिक जीवन में सुधार होगा।
  8. वृश्चिक :-
    वित्तीय हानि होने के संकेत मिल रहे हैं। इसलिए धन से जुड़े मामलों में लापरवाही न बरतें।
  9. धनु :-
    किसी प्रकार का कष्ट होने की आशंका है। थोड़ा सावधान रहें।
  10. मकर :-
    किसी तरह की हानि होने की आशंका है। सोच-समझकर कदम लेने की जरूरत है।
  11. कुंभ :-
    आपको किसी प्रकार का लाभ प्राप्त हो सकता है। मन में प्रसन्नता का भाव रहेगा।
  12. मीन :-
    आज आपकी खुशियों में वृद्धि होगी। किसी प्रकार का शुभ समाचार भी सुनने को मिल सकता है।

सूर्य ग्रहण में वर्जित कार्य :-

  1.  ग्रहण काल के दौरान सोना वर्जित है|
  2. ग्रहण काल में खाना वर्जित होता है|
  3. भगवान की मूर्ति स्पर्श ना करें|
  4. मल, मूत्र और शौच आदि न जाये|
  5. किसी नए काम की शुरुआत ना करें|

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